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भटियात में पठानिया और जरयाल की साख दांव पर!

हिम एक्सप्रेस, नरेश ठाकुर
*बम्पर वोटिंग बढ़ा रहे है बड़े दलों की धुकधुकी
*निर्मल पांडे किसके मतों को लगा रहे सेंध

कहते है कि जब जनता बड़ा बदलाव करने के मूड में आती है तो बम्पर वोटिंग करके सत्ता में अपने प्रत्याशी को काबिज करवाती हैं। इसी तरह की बम्पर वोटिंग भाजपा के गढ़ कहलाए जाने वाले भटियात विधानसभा में 2022 में देखने को मिली है। एक तरफ जहां कांग्रेस इसे बदलाव से जोड़ रही है वहीं भाजपा भी अपनी जीत पक्की होने में कोई कमी छोड़ रही है। जहां कांग्रेस इस विधानसभा में अपनी जीत 3000 वोटों से लीड लेने के दावे कर रही है। वहीं मौजूदा विधायक भी इतनी ही मतों से अपनी हैट्रिक बनाने की बात कह रहे है। भटियात विधानसभा से जीत की मिठास किसके हिस्से रहने वाली है इसका पता तो 23 दिन बाद पता चलेगा लेकिन बधाइयों का दौर जोरों पर है।


बात की जाए प्रत्यशियों की तो इस बार कांग्रेस ने फिर कुलदीप सिंह पठानिया को टिकट दिया है। जबकि भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक बिक्रम सिंह जरियाल पर तीसरी बार दांव खेला है। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी इस बार हिमाचल के चुनाव मैदान में है। आप ने भटियात सीट से नरेश कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा निर्दलीय के तौर पर निर्मल सिंह “पांडे” चुनाव लड़ रहे है। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस पार्टी के बीच इस बार भी कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। भटियात विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में राजपूत मतदाता है। यहां लगभग 32 फीसदी मतदाता राजपूत हैं जबकि करीब 27 फीसदी मतदाता अनुसूचित जाति संबंध रखते है। इसके अलावा यहां गुर्जर और गद्दी वोटर भी है। इतना ही नहीं, यहां की राजनीति में पिछड़ा वर्ग का अहम रोल है। यह वर्ग यहां की राजनीति काफी प्रभावित करता है।

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गौरतलब है की भटियात विधानसभा सीट हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक है। वर्ष 2017 में यहां 54.17 फीसद मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। भाजपा के बिक्रम सिंह जरियाल को 54.82 फीसद वोट शेयर के साथ 29,119 वोट और कांग्रेस के कुलदीप सिंह पठानिया को 41.86 फीसद वोट शेयर के साथ 22,234 वोट मिले थे। इस प्रकार भाजपा की करीब 6800 मतों से विजय हुई थी। वहीं इस चुनाव में चम्बा जिला की भटियात सीट में सबसे ज्यादा 65.70% लोगों ने मतदान किया।

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बताते चले की वर्ष 2012 से यह सीट लगातार भाजपा के कब्जे में है। यहां से बिक्रम सिंह जरियाल वर्ष 2012 से चुनाव जीतते आ रहे हैं। 2017 से पहले वर्ष 2012 में भी बिक्रम सिंह ही यहां से भाजपा विधायक चुने गए थे। उन्होंने 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार कुलदीप सिंह पठानिया को बेहद कड़े मुकाबले में करीब 111 मतों के अंतर से हराया था। वहीं वर्ष 2007 के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार कुलदीप सिंह पठानिया रोचक मुकाबले में भाजपा के स्वर्गीय भूपेंद्र चौहान को करीब सवा तीन सौ वोटों से हरा दिया था। इसके बाद से कुलदीप सिंह पठानिया को इस सीट पर कभी जीत नहीं मिली। हालांकि कांग्रेस ने इस दफा यहां अपनी जीत पक्की करने के लिए काफी मेहनत की। अब यहां दिलचस्प यह भी रहने वाला है किसकी मेहनत सिरे चढ़ती है और किसके सितारे गर्दिश में रहते है।

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